कई हिंदी पाठक अंग्रेजी साहित्य से दूरी बना लेते हैं। लेकिन इस किताब का हिंदी अनुवाद इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है:
एक शर्मीली स्वीडिश मिशनरी।
हत्या का शिकार (Victim)
"मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस" सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाती है कि क्या न्याय हमेशा कानून के दायरे में ही होता है? क्या प्रतिशोध सही है? हर्क्यूल पॉयरोट का यह सबसे कठिन केस था, जहाँ उन्होंने कानून के बजाय नैतिकता को चुना। murder on the orient express in hindi
मामला और उलझ जाता है जब पता चलता है कि मृतक असल में कोई व्यापारी नहीं, बल्कि एक क्रूर अपराधी था, जो अतीत में एक हाई-प्रोफाइल बाल-अपहरण और हत्याकांड का मास्टरमाइंड था। तीन साल पहले, उसने डेज़ी आर्मस्ट्रांग नाम की छोटी बच्ची का अपहरण कर लिया था, और फिरौती की रकम लेने के बाद भी उसकी हत्या कर दी थी। इस घटना ने आर्मस्ट्रांग परिवार को तबाह कर दिया था।
प्रिंसेस ड्रैगोमिरोफ़ (Princess Dragomiroff):
पॉयरोट अंततः इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि यह कोई सामान्य मर्डर नहीं है। एक यात्री (Mr.
ट्रेन के रुकने के कारण बाहर से कोई आ नहीं सकता था, इसलिए हत्यारा ट्रेन में ही है। लेकिन हर मुसाफिर के पास एक ठोस अलिबाई (Alibi - घटनास्थल पर न होने का सबूत) है।
अगली सुबह, एक यात्री (Mr. Ratchett) की हत्या कर दी जाती है। उसके शरीर पर 12 वार (चाकू के निशान) होते हैं, और केबिन का दरवाजा अंदर से बंद होता है। पॉयरो को पता चलता है कि रैचेट कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि एक बदनाम अपराधी कैसेटी (Cassetti) है, जो पहले एक बच्ची (डेजी आर्मस्ट्रांग) के अपहरण और हत्या का दोषी था, लेकिन कानूनी पेंचों के चलते बरी हो गया था।
एक अनजान हत्यारा ट्रेन में आया, रैचेट को मारकर भाग गया। (यह झूठ था) murder on the orient express in hindi
उपन्यास की कहानी एक लक्जरी ट्रेन, ओरिएंट एक्सप्रेस पर शुरू होती है, जो इस्तांबुल से पेरिस की यात्रा कर रही है। ट्रेन में कई यात्री हैं, जिनमें से एक अमेरिकी करोड़पति, रैचल कास्टलेटन की हत्या कर दी जाती है। हत्या की जांच के लिए हर्क्यूल पोइरोट को बुलाया जाता है, जो एक प्रसिद्ध जासूस है।
ट्रेन में सवार 12 अलग-अलग यात्री इस हत्या के संदिग्ध बन जाते हैं।