Recovery Act 1914 Pdf In Hindi | Bihar And Orissa Public Demand
5. बिहार और उड़ीसा सार्वजनिक मांग वसूली अधिनियम 1914 PDF हिंदी में कैसे प्राप्त करें
🏛️ Major Provisions (प्रमुख प्रावधान) Description in Hindi Summary of Action प्रमाणपत्र दाखिल करना
अधिनियमों की सूची में वर्ष 1914 के इस अधिनियम को खोजें और हिंदी संस्करण की PDF फाइल डाउनलोड करें।
लेकिन रामू फिर भी पैसा नहीं जुटा सका। अब कानून के अगले चरण की बारी थी। के तहत अधिकारी के पास दो रास्ते थे:
इस लेख में, हम इस अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, सर्टिफिकेट प्रक्रिया, और इसके हिंदी अर्थों को समझेंगे।
सरकारी बैंकों या संस्थाओं का ऋण।
1. इंडिया कोड पोर्टल (India Code Portal)
चल और अचल संपत्ति को जब्त कर बेचा जा सकता है।
नगर निगमों, जिला परिषदों या पंचायतों का बकाया कर।
नगर निगम, जिला परिषद, या अन्य स्थानीय निकायों को देय राशि।
सरकार को देय कोई भी बकाया राजस्व या शुल्क।
रामू ने अपनी कुछ गैर-जरूरी संपत्ति बेचकर और रिश्तेदारों से मदद लेकर बकाया पैसा और वसूली का खर्च जमा कर दिया। जैसे ही पूरी राशि जमा हुई, प्रमाणपत्र अधिकारी ने प्रमाणपत्र को रद्द (Cancel) कर दिया और रामू की जमीन फिर से मुक्त हो गई।
इस अधिनियम का प्राथमिक उद्देश्य सरकार को अपने बकाया राजस्व, कर, शुल्क और अन्य "सार्वजनिक मांगों" (Public Demands) को बिना किसी लंबी सिविल मुकदमेबाजी के वसूलने में सक्षम बनाना है।
अधिनियम की धारा 3 के अनुसार, "लोक मांग" का अर्थ है कि ऐसी राशि जो सरकार या किसी सरकारी प्राधिकारी को देय है और जिसे इस अधिनियम के तहत वसूल किया जा सकता है।इसमें शामिल हैं: भू-राजस्व (Land Revenue) सरकारी कृषि ऋण (Agricultural Loans)
कलेक्टर्स या कमिश्नर के आदेश की समीक्षा के लिए राजस्व बोर्ड (Board of Revenue) के पास पुनरीक्षण याचिका दायर की जा सकती है।