Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full |verified| Today
पर्वत के ऊपर मुख्य परिसर में प्रवेश करते समय शांतिनाथ भगवान के मंदिर में यह चैत्यवंदन किया जाता है。 स्थान:
श्री आदिनाथ भगवान चैत्यवंदन (Lord Adinath - Main Temple)
"पुंडरीक स्वामी वंदिए, जेणे पाम्या केवलज्ञान; शत्रुंजय गिरिराज ना, प्रथम गणधर महान।" palitana 5 chaityavandan in hindi full
यह वंदना शांतिनाथ भगवान को समर्पित है, जो शांति और संयम के प्रतीक हैं।
अनंत सिद्धांनों आहे ठाम, सकल तीर्थनो राय;पूर्व नवाणुं ऋषभदेव, ज्यां ठाव्या प्रभु पाय। 2 जेणे पाम्या केवलज्ञान
ॐ नमः सिद्धेभ्यः। ॐ नमो अरिहंताणं।
पालीताना में केवल मंत्रों का उच्चारण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक विशेष क्रम का पालन करना चाहिए: शत्रुंजय गिरिराज ना
यह वंदन पर्वत की तलहटी में ' जय तळेटी
शत्रुंजय पर्वत को 'सिद्धक्षेत्र' कहा जाता है। जैन आगमों के अनुसार, यहाँ अनगिनत मुनियों, साधकों और तीर्थंकरों ने तपस्या की है और मोक्ष प्राप्त किया है। पालीताणा में लगभग 863 से अधिक भव्य जिनालय (मंदिर) हैं, जिन्हें संगमरमर के पत्थरों से बेहद बारीकी के साथ तराशा गया है। इन मंदिरों में मुख्य मंदिर भगवान आदिनाथ का है, जो कि इस संपूर्ण तीर्थ की प्राण-प्रतिष्ठा का केंद्र है。
जय शत्रुंजय सिद्धक्षेत्र, दीठे दुर्गति वारे।भाव धरी ने जे चढे, तेने भव पार उतारे।अनंत सिद्धानो अहे ठाम, सकल तीर्थनो राय।पूर्व नवनू ऋषभदेव, ज्यां ठाव्या प्रभु पाय।सूरजकुंड सोहामनो, कवड्याक्ष अभिराम।नाभिराया कुल मंडनो, जिनवर करूँ प्रणाम।
यह मंदिर भगवान पार्श्वनाथ (23वें तीर्थंकर) को समर्पित है।